बुधवार, 20 सितंबर 2023

 बहुआयामवादियों की बहुआयामी विचारधारा जन जन तक के तहत बहुआयामवाद"

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हजारों ज्ञापन विज्ञापन आवेदन आरटीआई जनहित याचिकाएं शिकायत पत्र सुझाव पत्र देने के बावजूद भी परिणाम यह हो रहा है कि अधिकतर आधिकारिक दस्तावेजों को डस्टबिन में डाला जा रहा है। भारत की शासन प्रशासन प्राणी पर एक बड़ा प्रश्न मार्क? शिक्षा तकनीकी एवं अनुसंधान में बदलाव के लिए जरूरी है राजनीति में बदलाव राजनीतिक दखलबाजी को जड़ से समाप्त कराना, जिस उद्देश्य से बहुआयामी राजनीतिक पार्टी (बी..पी) का गठन किया जा रहा है जिसमें पदाधिकारी के लिए समाजसेवियों अधिवक्ताओं पत्रकारों स्नातकों महिलाओं को आमंत्रित किया जा रहा है जो कि पिछले समय से बहुआयामी में संस्था के द्वारा शिक्षा तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में कैटालिस्ट उत्प्रेरक की तरह कार्यरतहै।
बहुआयामवाद

बहुआयामी व्यक्तित्व या बहुआयामवाद को परिभाषित करने से पहले निम्न धारणा पर विशेष ध्यान आकर्षित करते हैं बहुआयामी शब्द की उत्पत्ति आयामों, विमाओं, दिशाओं, से होती है उदाहरण के तौर पर यदि बहुआयामी की बात करें तो देखते हैं कि हम तीन दिशाओं में जीवन व्यतीत कर रहे हैं जिसको हम आगे,पीछे आएं, बाएँ, ऊपर, नीचे बोल पाते हैंउदाहरण के तौर पर यदि किसी कीड़े को एक धागे पर रेंगने के लिए स्वतंत्र कर दिया जाए तो वह एक ही विमा का अनुभव कर सकेगा ठीक इसी प्रकार यदि उसे एक मेज पर बैठा दिया जाए तो वह दो विमाओं का अनुभव करेगा यदि वही कीड़ा उड़ने के लिए स्वतंत्र है तो वह तीन दिशाओं का अनुभव कर सकेगा। ठीक इसी प्रकार से बहुआयामी शिक्षा बहुआयामी तकनीकी और बहुआयामी अनुसंधान को संज्ञान में लेते हुए बहु आयामवाद की परिभाषा दी जा रही है। यदि एक बहुआयामी व्यक्तित्व की बात करें तो जो कई पहलुओं पर एक ही समय पर बात रखने और कार्य करने  का हुनर रखता है जो कि किसी अभिरुचि हो या शर्तों के साथ संदर्भित रहता है बहुआयामी व्यक्तित्व में बहुआयामी प्रतिभा, बहुआयामी संघर्ष, बहुआयामी साहस, बहुआयामी क्षमता, बहुआयामी जिज्ञासा, बहुआयामी गतिविधियां, बहुआयामी असीमित व्यक्तित्व, बहुआयामी आध्यात्मिक विकास ,और बहुआयामी व्यक्तिगत विकास, बहुआयामी ज्ञान, और कौशल की सार्वभौमिकता बहुआयामी तर्कसंगत के रूप में निरंतर अथाह सागर आगे बढ़ते रहने का व्यक्तित्व है।

बहुआयामी प्रतिभा को देखते हुए यह बहुमुखी संभावनाओं की सीमाओं का विस्तार, प्रयासों के आवेदन बिंदु चुनने की स्वतंत्रता, अनुभवों से सीखने की क्षमता, निष्क्रियता और उबाऊ पन से मुक्ति, रचनात्मकता और आत्म अभिव्यक्ति से आनंद, आसपास के पर्यावरण का आवरण, बहुआयामी ज्ञान की बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करता रहता है।बहुमुखी प्रतिभा के लिए आवश्यक है कि विभिन्न क्षेत्रों, के अपने ज्ञान , कौशल, शैक्षिक स्वाद, अभ्यास, श्रम, व्यवहारिक उपकरण, को लहराते हुए अपने व्यक्तित्व की खेती,उपज करने का प्रयास करता रहता है। संक्षिप्त में कहा जा सकता है कि ऐसा व्यक्तित्व जिसने अनेक आयाम, अनेक विचार, अनेक स्तर, अनेक कोण, अनेक दिशा, अनेक परिमाण,अनेक धारणाओं, का सटीक मार्गदर्शन हो। अनंतः प्रत्येक व्यक्ति बहुआयामी व्यक्तित्व का मालिक होता है इसके सकारात्मक नकारात्मक महत्व पहचान को समझे बगैर समाज या विश्व में शांति लाना असंभव सा लगता है, वैश्विक सामाजिक परिस्थितियों में बदलाव का जिम्मेवार प्रत्येक बहुआयामी व्यक्तित्व ही होता है

उदाहरण के तौर पर यदि मैं ओर आप हम एक बहुआयामी व्यक्तित्व के हैं और मेरी सारी पहचाने बहुआयामी सही दिशाओं में हैं तो मैं और आप हम निश्चित तौर पर विश्व में शांति और विकास की दिशा में बेहतर चमत्कारी बदलाव करने में सक्षम हो सकेंगे। यदि निरंतर प्रगति करने में गलती से दिशाओं का फेरबदल होता है तो निश्चित तौर पर विश्व पतन की ओर पहुंचने के लिए बाध्य होता रहेगा  (उदाहरण के तौर पर बहुआयामी विज्ञान ने परमाणु बम का आविष्कार करके दिखाया है) और निश्चित तौर पर बहुआयामी व्यक्तित्व नष्ट होता चला जाएगा।

यदि किसी भी कार्य को बिना गलती किए हुए लगातार किया जाए और बिना कठिनाई से किया जाए तो वह बौद्धिक क्षमता का सूचक माना जाता है। वर्तमान समाज की स्थिति और परिस्थितियों को समझते हुए शिक्षा तकनीकी एवं अनुसंधान में अहम बहुआयामी सोच के साथ बदलाव करने की आवश्यकता है। जो की बहुआयामवाद बहुआयामी राजनीतिक पार्टी का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।



बुधवार, 6 जुलाई 2022

बहुआयामी राजनीतिक पार्टी, हाल में युवाओं के लिए लाई गई अग्नीपथ रेजीमेंट योजना में बदलाव कराए जाने के संबंध में।

 सेवा में,

         महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार

         राज्यपाल उत्तर प्रदेश सरकार

         रक्षा मंत्रालय भारत सरकार

         गृह मंत्रालय भारत सरकार

         सचिवालय मुख्यमंत्री कार्यालय उत्तर प्रदेश सरकार

 

विषय: हाल में युवाओं के लिए लाई गई अग्नीपथ रेजीमेंट योजना में बदलाव कराए जाने के संबंध में।

 

महोदय/ महोदया

                      उच्च शैक्षिक समुदाय के द्वारा गठित बहुआयामी राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारियों के द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार हम आपका ध्यान अति महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करना चाहेंगे

भारत सरकार के द्वारा हाल ही में लाई गई युवाओं के लिए अग्नीपथ योजना के तहत संपूर्ण भारत में फैल रही हिंसा को देखते हुए अग्नीपथ योजना में निम्नलिखित संशोधनों में कारण निवारण सहित युवाओं के हक में संशोधन की मांग करती है।

सरकार पत्रकार न्यूज़ चैनलों के द्वारा अग्नीपथ योजना को लेकर युवाओं के हक में लाभ गिनाए जा रहे हैं जिनमें निम्नलिखित विषयों को दुविधा में रखा गया है।

भारत सरकार के द्वारा सेना नियुक्ति अध्यादेश मैं सैनिकों के नियुक्ति के दौरान शपथ दिलाई जाती है जो गोपनीय होती है मात्र 4 वर्ष सर्विस देने के बाद सेवा निर्मित होने पर गोपनीय शपथ भंग हो जाने की संभावना है।

हाल ही में केंद्र सरकार के द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह अध्यादेश पारित किया गया कि वह सरकार के खिलाफ कोई लेख नहीं लिख सकेंगे और ना ही प्रकाशित करा सकेंगे ऐसे में 4 वर्ष पश्चात सैनिक पुनः शिक्षण के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे तो निश्चित तौर पर सैनिकों के हक अधिकार को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए अनेक प्रकार के लेख प्रकाशित कराएंगे जिस पर सरकार मौन है।

जब 18 साल आयु के युवाओं को सरकार चुनने का अधिकार होता है तो चुनकर जाने वाली सरकार 5 वर्ष शासन करती है फिर बगैर संसद विपक्षीदल की सहमति वह विपक्ष के कार्यकर्ताओं को समिति में शामिल किए हुए मात्र 4 वर्ष के लिए योजना लाना भ्रमित करते हुए प्रश्न खड़ा कर रहा है।

अग्नीपथ योजना के तहत सरकार के द्वारा अनेक प्रकार के लाभ फायदे गिनाए जा रहे हैं परंतु युवाओं की वेतन,उम्र,शिक्षा, कारोबार, तथा थल सेना, वायु सेना, नौसेना आदि अनेक प्रकार की समस्याओं को स्पष्ट नहीं किया गया है जिनको लेकर अनेक प्रकार के प्रश्न खड़े हो चुकी है पर सरकार स्पष्टीकरण देने में पूर्णतया नाकाम है।


 


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